उत्तर प्रदेशबस्ती

।। जालौन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत, महिला सिपाही पर हत्या का केस दर्ज।।

।। मामला शुरुआत से ही संदिग्ध रहा, क्योंकि घटना के वक्त महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उसी कमरे में मौजूद थी।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। दरोगा ने सर्विस रिवॉल्वर से गोली मार किया आत्महत्या: क्या है महिला सिपाही के साथ कनेक्शन।।

🔥 जालौन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत, महिला सिपाही पर हत्या का केस दर्ज; जांच के लिए एसआईटी गठित।

जालौन, 07 दिसंबर 2025।

जालौन जिले के कुठौंद थाना परिसर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक और रहस्यमय घटना सामने आई, जहां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली उनके सिर के आर-पार हो गई। मामला शुरुआत से ही संदिग्ध रहा, क्योंकि घटना के वक्त महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उसी कमरे में मौजूद थी और बाद में भागती हुई सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई। इसी के चलते अब यह पूरी घटना आत्महत्या के बजाय हत्या के शक की तरफ मुड़ गई है।

💫 कमरे में मौजूद थी महिला सिपाही, चीखकर बाहर आई और फिर भाग गई—

सूत्रों के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे के आसपास थाना परिसर में अरुण राय के सरकारी आवास से गोली चलने की आवाज सुनी गई। कुछ ही सेकंड बाद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा ट्रैक सूट पहने हुए कमरे से बाहर निकली और चिल्लाती हुई बोली—“साहब ने गोली मार ली है।” इसके बाद वह वहां ठहरने की बजाय तुरंत भाग गई।

थाना परिसर के कई सीसीटीवी फुटेज में महिला सिपाही को भागते हुए देखा गया है। पुलिस के अनुसार, सबसे पहले वही इस घटना की सूचना देने पहुंची थी। उसकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

💫 परिवार का आरोप—यह आत्महत्या नहीं, हत्या है—

घटना की सूचना के बाद इंस्पेक्टर अरुण राय का परिवार शनिवार सुबह संत कबीरनगर से जालौन पहुंचा। उनके भतीजे प्रशांत राय ने साफ आरोप लगाया कि अरुण की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि चाचा मानसिक रूप से मजबूत थे और आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। प्रशांत के अनुसार, उनके चाचा कई लोगों के निशाने पर थे और रंजिश के कारण भी यह घटना हो सकती है।

💫 पत्नी का आरोप—मीनाक्षी ब्लैकमेल करती थी, उसी ने जान ली—

इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने पुलिस को बताया कि महिला सिपाही पिछले कई महीनों से अरुण को ब्लैकमेल कर रही थी। उसके पास कुछ आपत्तिजनक वीडियो थे जिनके जरिए वह बार-बार पैसों की मांग कर रही थी। महिला सिपाही पिछले 10 दिनों से गायब थी, लेकिन उसी दौरान वह अक्सर इंस्पेक्टर के आवास के आसपास देखी जा रही थी। पत्नी की लिखित शिकायत के आधार पर मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

💫 घटनाओं की कड़ी—भंडारे और शादी समारोह से लौटे थे इंस्पेक्टर—

घटनास्थल की जांच से पता चला कि शुक्रवार शाम अरुण राय एक पंच कुंडीय महायज्ञ के भंडारे में शामिल हुए थे। वहां उनका सम्मान भी हुआ। इसके बाद वह जालौनी माता मंदिर के पुजारी की बेटी के विवाह समारोह में गए। करीब 9 बजे वह थाने लौटे, पत्नी से फोन पर बात की और कहा—“खा-पी लिया है, अब सोने जा रहा हूं।”इसके लगभग 30 मिनट बाद गोली चलने की आवाज आई।

💫 थाना परिसर में हड़कंप, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य—

गोली चलते ही सिपाही दौड़कर कमरे में पहुंचे। अरुण राय खून से लथपथ बेड पर पड़े मिले। उन्हें उरई अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।फोरेंसिक टीम ने कमरे, बिस्तर और रिवॉल्वर से जुड़े सबूत जुटाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधारभूत निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे।

💫 महिला सिपाही पर हत्या का केस, एसआईटी जांच शुरू—

जालौन एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि अरुण की पत्नी की शिकायत पर महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है और सीन रिक्रिएशन भी कराया जाएगा।

💫 इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय—25 साल की सेवा और बेदाग छवि—

मूल रूप से संत कबीरनगर के घनघटा निवासी अरुण कुमार राय का पुलिस करियर 1998 में सिपाही के पद से शुरू हुआ।2012 में वे दरोगा बने और 2023 में इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट हुए। उन्हें ईमानदार, शांत स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी माना जाता था। उनका एक बेटा अमृतांश है, जो कोटा में NEET की तैयारी कर रहा है।

सिपाही की ब्लैकमेलिंग से तंग इस्पेक्टर राय ने खुद को‌ मारी गोली। सिपाही‌ के सहयोगी बाईक सवार की पुलिस को तलाश।

उरई(जालौन) इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। शुरुआत में मामला महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सुसाइड का बताया जा रहा था। लेकिन, इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी शर्मा पर हत्या करने या करवाने की एफआईआर करवाई है।

पुलिस के सीनियर अफसर अभी इसे सुसाइड ही मान रहे हैं। लेकिन जिस तरह से मच्छरदानी के अंदर शव मिला और 9 एमएम पिस्टल से चली गोली कमरे से नहीं मिली। इसलिए पुलिस अभी खुलकर कुछ भी नहीं बोल रही है।

हालांकि, शुरुआती जांच इशारा कर रही है कि महिला सिपाही को कमरे में देखते ही इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। मीनाक्षी सिर्फ 3 मिनट में थाने में आई और भाग गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है। रविवार दोपहर बाद पुलिस की टीम प्राइवेट कार से मीनाक्षी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद में मेडिकल कराने पहुंची।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी जुलाई 2024 में एक दूसरे के संपर्क में आए। दोनों उस वक्त जालौन के कोंच थाने में तैनात थे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

कोंच से उरई ट्रांसफर होने के बाद मीनाक्षी का इंस्पेक्टर राय के पास आना-जाना था। जब उनका ट्रांसफर कुठौंद थाने में किया गया तो वहां भी अक्सर मीनाक्षी आती थी।

मीनाक्षी आई फोन यूज करती थी। उसने हाल ही में 3 लाख का हार लिया था। चर्चा है कि इंस्पेक्टर राय ने ही इसे दिलवाया था। डिपार्टमेंट में यह भी चर्चा है कि मीनाक्षी के पास इंस्पेक्टर के कुछ निजी वीडियो थे, जिसे लेकर वह उन्हें लगातार ब्लैकमेल करती थी। अब 25 लाख रुपए मांग रही थी।शुक्रवार रात 9.17 बजे कुठौंद थाने में इंस्पेक्टर राय के कमरे में गोली चली। मीनाक्षी शर्मा कमरे से भागती हुई बाहर आई। चिल्लाकर बोली कि साहब ने गोली मार ली है। इसके बाद वह मौके से भाग गई। कई CCTV में नजर आ रही है।

 थाने के सिपाही भागते हुए इंस्पेक्टर के कमरे में गए। वहां मच्छरदानी के अंदर खून से लथपथ शव पड़ा था। उनकी सर्विस रिवॉल्वर पेट के ऊपर पड़ी थी। सिर में लगी गोली आर-पार हो गई थी। इंस्पेक्टर के भतीजे प्रशांत राय ने बताया कि चाचा ने घटना से कुछ देर पहले चाची से बात की थी। तब उन्होंने कहा था कि खाना-पीना खा लिया है। अब सोने जा रहा हूं। थोड़ी देर बाद ही संदिग्ध हालत में उनकी मौत हो गई।पुलिस के मुताबिक, मीनाक्षी की नवंबर में सगाई थी। उसने 1 नवंबर को विभाग में छुट्टी की एप्लीकेशन दी थी। 10 नवंबर तक वह छुट्टी पर रही, जिसके बाद उसने ड्यूटी जॉइन की। 17 नवंबर को फिर उसने 6 दिन की छुट्टी की एप्लीकेशन दी थी, जिसके बाद से वह लगातार अनुपस्थित थी। मीनाक्षी शर्मा के मेरठ जिले के फलावदा थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर उर्फ दांदूपुर की रहने वाली है। पिता का नाम विपिन कुमार शर्मा है। 2019 में सिपाही पद पर भर्ती हुई थी, पहली पोस्टिंग पीलीभीत में हुई थी। वहां एक सिपाही पर उसने मामला दर्ज कराया था। जिस पर उसका तबादला 3 अक्टूबर 2022 को पीलीभीत से जालौन कर दिया गया।

मीनाक्षी ने 10 अक्टूबर 2022 को जालौन पुलिस लाइन में आमद कराई थी। उसे चुर्खी थाना भेजा गया था, जिसके बाद कोंच कोतवाली में पोस्टिंग हुई थी। बाद में डायल 112 में ट्रांसफर किया गया। बदायूं में तैनात सिपाही मोहित खोखर ने बताया कि पीलीभीत में तैनाती के दौरान मीनाक्षी शर्मा ने उस पर शादी का झांसा देकर धोखा देने का आरोप लगाया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामला 2019 में पूरनपुर थाने का है। इसी दौरान दोनों में पहचान हुई थी।

घटना के बाद थाना परिसर में मातम जैसा माहौल है और पुलिस के साथ-साथ पूरा प्रशासन भी सदमे में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

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